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Friday, 30 November 2018

कैसे करे Agritourism business और कमाए लाखो रुपये (start new business)

  Agritourism-देश के किसान के लिए agritourism याने खेती पर्यटन इक बहोत फायदेमंद साईड buisiness है. अपने देश की खेती देखने एवं उसका अभ्यास करने बहोत से विदेशी तथा देसी पर्यटक interested होते है.
  Agritourism सारे दुनिया में होता है. खासकर Australia,Canada,United States,Italy,New Zealand,Brazil,Philippines इन देशों में ये ज्यादा होता है. अलग अलग देशों ये अलग अलग नाम से जाना जाता है. इसे farm-stay भी कहते है.


कैसे करे Agritourism business और कमाए लाखो रुपये


                     Agritourism in India


  हमारे देश में 2004 को इसकी शुरूवात हुई थी. पांडूरंग तावरे नामक व्यक्ती ने जो की महाराष्ट्र के बारामती के रहने वाले है. जिसके लिए उन्हे भारत के माननिय राष्ट्रपतीद्वारा National Tourism Award भी दिया गया था.
  Agritourism का मतलब है किसी टुरिस्ट लोगो को अपने खेती में रूकाना और उनको खेती कि जानकारी के साथ natural चिजें जैसे पेड पौधे तथा वनऔषधी के बारे अवगत कराना और घर जैसा देसी खाना खिलाकर रेस्टोंरेंट जैसी सुविधा देना.
  आज कल लोग शहर कि शोर शराबेवाली fastlife जी के बोर हो जाते है. शहर कि हवा भी fresh नही होती. ऐसे में हमेशा शांत और एकांतवाली natural climate वाली जगह ढुढँते है जहा उनके मन को शांती मिले. यही लोग आपके costumer होंगे. आजकल ये ट्रेन्ड भी है की weekend पे किसी फ्रेन्ड कि farmhouse पे जाकर थोडासा relax होने का. ऐसे मे कोई किसान इस idea को अपने खेत में professionally चालू करे तो उसका इक अच्छा खासा side business हो सकता और आमदनी बहोत अच्छी हो सकती है. बस tourist को अच्छी सुविधा देने कि जरूरत है.
    आजकल के शहरी बच्चों अगर पूच्छा जाय कि दाल चावल सब्जी कहा से आती है तो वो जवाब देंगे कि mall आती है. उन्हे खेती, किसान, चुल्हा,गाय-भैस का तबेला के बारे मे जानकारी ही नही होती. लेकिन उनको जानने जिज्ञासा होती है. हम जो खाना खाते है उसके लिए किसान को कितनी मेहनत करनी पडती ये अगर आज कि पिढी जान जाए तो शायद वो सब्जी खरीदते वक्त तोलमोल ना करे. किसान के प्रती उनका आदर बढे. ये भी इक अच्छा उद्देश है इस business के पिछे. हम जो खाना wastage करते है उसकी सही किंमत उनको पता चले. और बडे होकर शायद वो किसान कि समस्याओं पर गंभीर विचार करें.




  कैसे करे Agritourism business



  • अपने देश कि संस्कृती है,'अतिथी देवो भवः' याने के आप का पहला काम है टुरिस्ट को भगवान मानकर उस के साथ घर के  सद्स्य जैसा व्यवहार करे. बस यही पे आपका आधा काम हो जाता है.
  • किसी भी business कि marketing बहोत जरूरी होती है. उसके लिए आप आपके इस business कि जोर शोर से advertisement करे pamphlets छपवाए,banner लगवाए,mobile use करे,what's up का use करे, Facebook page बनवाए, news paper,magazine में advertise करवाए जितनी हो सके उतनी advertise किजीए.
  • अलग अलग business strategies आजमाए जिस पर मै पहले post लिख चुका हूं.
  • हो सके उतना अपने खेती मे नयापन लाए और modern तरीके से खेती करे लेकिन natural  चिजों को हानी न पहूंच पाए.
  • कस्टमर को वो सब facility available करें जिनकी उन्हें आदत हो जैसे swimming pool,modern washroom.
  • खुद उनके लिए ज्यादा से ज्यादा available रहे. खेती के बारे मे उन्हें ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे. जैसे जमिन के जोतने से लेके माल कि डिलीव्हरी तक. साथ साथ पेडो,पौधो और औषधी वनस्पती की भी जानकारी दे. प्राणी, पक्षी आजूबाजू के भौगोलिक एरिया का भी ज्ञान दे.
  •   उनके लिए specially चूले पर बनाया हुआ खाना दे जो कि आजकल इक ट्रेंड है.
  •   सबसे महत्वपूर्ण बात उनको उनके मर्जि के हिसाब से privacy दे.
  •   इस business के लिए loan proposal भी होता है. इसके लिए आप को इक अच्छा सा project report बनाना पडेगा. इस में documentation perfect होना चाहिए. खेती और जमिन के related जितने भी दाखिले एवं authorities जरूरी होते है वो होने चाहिए. इस business  मे आप को स्विंमीग पूल, मछली तलाव, रोड बनाना, किचन का सामान, पाणी कि टंकी, पाईप लाईन, काॅटेज बनवाना, बैलगाडी, गार्डन इंस्ट्रूमेंट इन सबके लिए loan मिलता है.


  वैसे ये कल्पना बाहरदेश कि है लेकिन अपने देश कि natural beauty भी अव्वल और अप्रतिम है. अपने देश कि 65% जनता देहाती गाव में रहती है और खेती करती है. शहर में रहने लोगो को अपनी गाव के लिए इक अलग सा emotionally रिश्ता होता है. लेकिन खेती के लिए किसीने कभी कोई ठोस कदम नही उठाया. देश की जनता का पेट भरनेवाला पहला आदमी आत्महत्या के राह पर चल पडा और   जहा जरूरत नही वहा हजारो करोड खर्च होते रहे. अब किसान को भी इक businessman बनना पडेगा. इस business के साथ वो अपना खेती माल आनेवाले टुरीस्ट लोगो को अपने दाम पर बेच सकता है उसे एजेंट कि जरूरत नही. इक अच्छे planning के साथ ये side business किया जाय तो हमारा किसान भी अच्छे पैसे कमा सकता है.
        जय हिंद.
   



     BUSINESS THOUGHT

"इक देहाती आदिवासी गाव मे दो buisinessman कपडे बेचने गये.वहा के लोग सिर्फ इक कच्छा लपेटेने के सिवा और कोई कपडा नही पहनते थे. पहले buisiness man ने सोचा 'यहा मेरा buisiness  नही चलेगा' दुसरे buisiness man ने सोचा 'अरे वा यहा कोई ज्यादा कपडे नही पहनता यहा मेरा business बहोत चलेगा'.
  इस से ये सिख मिलती है,कि आपके business का success आप के attitude और positive thinking पर depend करता है."

     सत् विचार मोती
 
   "पूरे संसार मे ज्ञान जैसी पवित्र ना कोई वस्तू ना कोई तत्व. ज्ञान ही ईश्वर है."