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Wednesday, 3 October 2018

Business Strategic Planning For Custumers


दोस्तो,
     
     नमस्कार, आज एक ओर स्टोरी मै आप से शेअर करना करना चाहता हू. जिस एक ओर आयडीया आता है, हमे अपने बिझनेस मे कस्टमर लाने का.हम आज ओर एक business strategy study करेंगे


business srategic planning
      
       ये बात वैसी बहोत पूरानी है. तब हम काॅलेज मे थे. मेरा इक दोस्त जो मेरे साथ पढता था. उसकी financial condition बहोत खराब थी,पढाई के खर्च के साथ उसे घर का खर्चा भी उठाना पडता था. उसके लिये वो अखबार डालना,दुध पहुंचाना आदी काम भी करता था. लेकिन बात कुछ बनती नही थी. उसे ओर पैसे की जरूरत थी. वैसे वो था बहोत चटपटा. उसकी सोच बहोत अलग ही थी. उसे सुबह के  तीन चार घंटे काम चाहिए था,दोपहर को काॅलेज और शाम को पढाई और पैसा भी ज्यादा चाहिए था, ओर उसी के बारे सोचता था, की क्या काम करे.
         
       एक दिन हम काॅलेज जा रहे थे. काॅलेज के रास्ते मे इक बडा पार्क आता था. वहा बहोत सारे लोग आते थे. लगभग सारे उमर के  morning walk के लिए,jogging के लिए. वो सब देखकर मेरे दोस्त को तुरंत आयडिया आया,वो बोला 'यार  सुबह सुबह इन लोगो कुछ बेचना चाहीए... लेकीन क्या?'  ( यहा पर मै इक बात नोट करना चाहुंगा की इक बिझनेसमन को हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए. अपने आजुबाजू कोनसे मौके है उन्हे परखना चाहिए. आज बदलाव का जमाना है. दुनिया बदल रही है ओर बिझनेस तरीके भी बदल रहे है ओर हमे भी बदल कर दुनिया के साथ चलना है.)
           
       मैने पहले भी कहा है की वो चटपटा था. उसने ठान लिया की वो वहा पर हेल्थ ड्रीन्क मतलब लेमन टी का ठेला लगायेगा.( इक बिझनेसमन को तुरंत अॅक्शन कि जरूरत होती है. वर्ना हम बहोत सारे बिझनेस आयडिया सोचते है,ओर confuse हो जाते है ओर करते कुछ भी नही. ) तैयारी शुरू हो गई. हमारे ग्रुप मे इक दोस्त के पिताजी corporation मे काम करते थे इसलिये जगह का जुगाड हो गया. कैसे तैसे ठेले का बंदोबस्त हो गया ओर हमारे दोस्त का बिझनेस चालू हो गया.
           
       मेरे दोस्त का बिझनेस चालू तो हो गया लेकिन custumers नही आ रहे थे. इक हप्ता हो गया, पर उसका बिझनेस कुछ खास चल नही रहा था. उसने इक आयडीया लगाया, उन दिनो रेडीओ पर सुबह सुबह भक्तिसंगित चलता था. उसने वो जोर जोर अपने ठेले चलाना चालू कर दिया. ( इक बिझनेसमन को नये नये फंडे अपनाने चाहीए अपना बिझनेस चलाने के लिए.) उस से उसका बिझनेस थोडा बढ गया लेकिन उस से वो खुश नही था.
        
       इक दिन वो हम सब दोस्तों के पास आया ओर बोला अपने जितने भी दोस्त है, सब मेरे ठेले पे सुबह जल्दी अपनी अपनी बाईक लेके आ जाना. हम सब चले गये. उसने सब को अपनी अपनी बाईक ठेले के आजुबाजू लगाने को बोला ओर हम सब  को लेमन टी दे दी ओर कुछ देर रूकने को बोला. ऐसा उसने हमे तीन चार दिन करने को बोला. हमने भी अपनी दोस्ती के लिया खुशी खुशी किया.
          
       बस उसका का formula काम कर गया. हुआ यू की हमारी भिड देख के वहा लोगों की भिड बढने लगी उसका ठेला अच्छे से चलने लगा.
           
       मेरे दोस्त ने customer की psychology को बराबर पहचान लिया था. वो अच्छा health drink बेच रहा था,जो की सेहत के लिये फायदेमंद है. पर लोगो ने उसका product नही देखा, खाली भीड देखी. उसने artificial requirement पैदा की, अपना business चलाने के लिए. ओर कामयाब भी हो गया. अपना business चलाने के ऐसे नये नये फंडे नये नये triks सोचने पडते है,तभी  business बडे बनते है.
        
        Corporate लेवल पर भी ऐसे  फंडे use करते है. आप देखते होंगे,आजकल बडी बडी mobile कंपनिया जब अपना कोई नया product launch करती है तब बडी जोर से उसकी  advertise  करती है. उसकी reviews कराती है. बाद मे उसकी सिर्फ online sales करती है. ओर फिर कुछ दिनो बाद online sale बंद करके artificial shortage  दिखाती है, जिस से लोगो के दिल मे उसे खरीदने की अभिलाषा पैदा होती है,फिर वो लोग उसे online  ओर offline दोनो तरीके से बेचती है ओर ज्यादा मुनाफा कमाते है. ये सब buisiness strategies होती है, जिसे हर businessmen  को करनी पडती है. चाहे buisiness छोटा हो या बडा. मेरी पिछली  post  मे मैने कहा है,अलग सोच, काम करने का अलग तरीका ही आप को महान बनायेगा.