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Sunday, 30 September 2018

Costumer Srategy For Buisiness


                                                     
Costumer Strategy For Buisiness

  फ्रेंड्स ,
          चलो हमने कोई buisiness idea चुन लिया, उसके लिए finance,location, भी चुन लिया, pruduct भी तय्यार हो गया. लेकिन custmer का क्या वो कहा से आएगा? मैने देखा है, कुछ लोगो को idea ओर location बहोत अच्छे होते है, पर buisiness नही चलता. क्यो की हम सोचते है वैसे होता नही, कभी कभी तो कस्ट्मर लाना पड़ता है. आज हम इस पोस्ट मे custmer strategy for buisiness के बारे मे बात करेंगे जो की मेरे कुछ अनुभव है, ओर मेरे कुछ दोस्तो की कहानिया भी है. ओर हा इक buisinessman की क्या ज़िम्मेदारिया है, समाज के हित के लिए ओर देश के हित के लिए उसे क्या करना चाहिए ये हम आगले पोस्ट मे बात  करेंगे .
        
           मेरे एक दोस्त ने एक छोटसा होटेल ओर आइस्क्रीम का दुकान चालू किया. सब तय्यरी कर ली,आच्छा सा furniture किया, होटल अच्छा डेकोरेट किया. बोर्ड भी लगा दिया  'X होटेल ओर आइस्क्रीम पार्लर'. उसका लोकेशन ऐसा था की पब्लिक बस स्टॅण्ड से  1.3 km का distance था ओर आगे 1.2 km पर इक बहोत बडी स्टील कंपनी थी.जीसके गेट के आगे भी एक पब्लिक बस स्टॅण्ड नया नया बना था.क्योकी कंपनी के वर्कर वहा खडे रहते थे बस के लिये. ओर बिच मे मेरे दोस्त का होटल. उसने दोनो स्टॅण्ड पे बोर्ड भी लगा दिये.गाव के स्टॅण्ड पे बोर्ड  दिया, " X होटल ओर आइस्क्रीम पार्लर" 1.3 km ओर कंपनी गेट के स्टॅण्ड पे बोर्ड  दिया," X होटल ओर आइस्क्रीम पार्लर" 1.2 km दुरी पर.लेकिन फिर भी कस्टमर नही आ रहे थे,होटल मे जो चीज़े बनती थी उसका टेस्ट भी अच्छा था.लेकिन फिर भी मेरे दोस्त का होटल चल नही रहा था.
           

            इक दिन मै अपने बाईक से वहा से गुजर रहा था उसने मुझे देखा ओर मुझे बुला दिया. फिर चाय वाय हो गई ओर हम इधर उधर गप्पे मारने लगे.बातो बातो मे उसने मुझे सब हालात बता दिये.मैने कहा यार दोनो मे से किसी एक स्टॅण्ड पर तुम अपना होटल क्यो नही डाले. तो वह बोला ये जगह उसकी खुद कि है ओर रोडटच भी है, इसलिये इधर डाला.मैने ऐसे हि उसे पुछा ये जो distance लिखा है,गाव के स्टॅण्ड से 1.3 km ओर कंपनी के गेट स्टॅण्ड से 1.2 km ये सही है क्या? वह बोला रोड सर्वे के हिसाब से सही है.मै उसे ऐसे ही बोला की यार ये तेरी दुरी देखकर शायद कस्टमर आते नही होंगे ओर मै वहा से  निकल गया.

            कुछ दिन बाद मै फिर वहा से गुजर रहा था तो मैने देखा मेरे दोस्त के होटल मे बहोत भिड है,ओर उसके होटल के सामने जो पेड था वहा भी बहोत सारे लोग खडे है.मै अंदर गया .मैने मेरे दोस्त से पूछा यार क्या फाॅरमूला आजमाया की तेरा होटल चलने लगा वह बोला कुछ नही यार दोनो बस स्टॅण्ड पर जो बोर्ड लगाये थे उस दुरी 0.5 km लिख दी.मतलब " X होटेल ओर आइस्क्रिम पार्लर" 0.5 km.पर है.
            इस से इक बात समज आती है की कस्टमर कोई भी चिज नजदिक चाहीए 1.2 km उसे दुर लगती है, पर 0.5 km  उसे  ज्यादा दूर नही लगता.वो सोचता चलो आधा किलोमिटर ही है, बाते करते जायेंगे ओर चाय नाष्टा भी हो जायेगा.ओर उसी होटल के सामने अभी ओर इक नया पब्लिक बस का स्टॅण्ड तैयार हो गया उस होटल के सामने जो पेड था वही.कस्टमर के मानसिकता को मेरे दोस्त ने बराबर पहचान लिया था.    
           छोटा होटल हो या कोई  corporate buisiness ये छोटी छोटी बाते बहोत मायने रखती है,कोई भी buisiness की growth करने मे.
      
               हम कोई buisiness करे, या कोई भी काम करे उसे अलग तरीके से करना चाहीए.आप देखिये जितने भी महान व्यक्ती है उन्होंने कोई भी काम अलग तरीके से किया है.
     
            मै यहा आपको अमेरिका के high jumper RICHARD DOUGLAS FOSBURY के बारे मे बताना चाहूंगा.उन्होंने 1968 के आॅलम्पिक मे गोल्ड मेडल जिता था.इस मे खास बात ये थी उन्होंने पहली बार high jump पिठ के बल मारने का प्रयोग किया था.तब तक सब लोग साधारण high jump मारते थे.ओर आज सभी high jumper उनका ही अनुकरण करते है.कहने का मतलब यही है की कोई भी काम अलग तरीके से अलग सोच से करना चाहिए.तब ही वो काम ओर वो व्यक्ति महान बनाते है.
         धन्यवाद.