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Sunday, 9 December 2018

December 09, 2018

5s implementation plan in business as well as in our personal life

         

 5s implementation plan - जो लोग किसी कंपनी में employee है या रह चूके है वो तो  5-S के बारे मे जानते होंगे और जो नही है वो आज जान जायेंगे. किसी भी business मे 5-S implimentation का असाधारण महत्व है. जिस से time की बचत होती है, wastage कम होता है, safety बढती है, men और machine  की efficiency बढती है. all over company की growth होती है.

    Japan के Sakichi Toyado उनके बेटे Kiichiro और Taiichi Ohno जो की Yoyato के engineer थे उन्होने ये 5-S प्रणाली का निर्माण किया.
                                     
                                                 




                     5-IMPLIMENTATION PLAN

 5-S क्या है??

1)Seiri (Stucturise)-अनचाही चिजें बाहर निकालना.
2)Seiton(Systematise)- जरूरत की चिजे काम के क्रम के अनुसार रखना.
3)Seiso(Sanitise)-अच्छी से सफाई करना.
4)Seiketsu(Standardise)-उपर तिन्हों प्रणाली का अवलोकन करना.
5)Shitsuke(Self Discipline)-5s प्रणाली दुसरे लोगो को सिखाना.

1)Seiri (Stucturise) - इस process हम हमारी काम की जगह पर जो बिना उपयोग कि वस्तू है उसे बाहर निकाल देते है.जिससे आवश्यक वस्तू के लिए जगह बन जाती है.वस्तू कम होने से disturbance भी कम होता है.वस्तू ढून्ढने के टाईम मे बचत होती है. सुरक्षा हेतू भी ये लाभदायक है.
   इस process मे सब वस्तू चेक कि जाती है. उसके आवश्यकता के अनुसार उसका मुल्यांकन होता है. जो अभी उपयुक्त नही लेकिन बाद मे उपयोग मे आनेवाली है उसे red tag area मे डाला जाता है.

2)Seiton (Systematise) - इस activity मे काम कि लगनेवाली चिजों को उसके उपयोग के क्रम के अनुसार लेबल लगाकर रखा जाता है. जिस से उसका उपयोग और जगह स्पष्ठ होती है.
   इस से काम करने कि क्रिया सुलभ होती है.इस से उस वस्तु को ढूंढ़ने में आसानी होती है.वस्तु खोने से बचती है.और काम होने के बाद वस्तु अपने जगह पर रखी जाती है.

3)Seiso(Sanitise) - काम की जगह अच्छी तरह सफाई करे.
   अच्छी सफाई से काम कि जगह और मशिनों को बार बार चेक किया जाता है. इस से चिजे खराब होने से बचती है. सुरक्षितता बढती है. काम करने के लिए मन को प्रोत्साहान मिलता है. product कि quality भी improve होती है.

4)Seiketsu(Standardise) - कार्य स्थल का और कार्य प्रणाली का  standardisation किया जाता है. उपर कि तिन्हो process योग्य तरह से चले इस के लिए इक मानक बनाए. कि उपर कि process का कभी खंडन न हो और वो परीपूर्ण प्रक्रिया से चलता रहे.
   सब प्रक्रिया योग्य तरह से चल रही है इसके लिए फोटो और visual control का प्रयोग किया जाता है. इस के योग्य परीणाम के लिए audit checklist का प्रयोग किया जाता है. हर इक employee को अपने जिम्मेदारी से अवगत किया जाता है.

5)Shitsuke(Self Dicilpline) - इस मे 5-s process को  अपने daily work कि आदत बनाई जाती है और दुसरे लोगो को follow करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.
  5-s training session का आयोजन किया जाता है. regular audit कर के ये तसल्ली कि जाती है 5-s process योग्य तरह से चल रही है. जब जरूरत हो तब नया बदलाव लाए उसके employee का सहयोग बहोत महत्वपूर्ण होता है. जब भी कोई issue हो वो दुबारा न हो इसके लिए जो बदलाव जरूरी होता है वो करे.

                                   "5-s implementation in start-up business"

      आप इस process को start-up के लिए भी use कर सकते हो.

1)Seiri ( Stucturise ) - जब आप कोई business plan   कर रहे हो तो सबसे पहले अपने मन में आनेवाले negative विचारों को मन से बाहर कर दो.

2)Seiton ( Systematise ) - जब भी आप के मन मे कोई अच्छा business idea आता है तो उसके implementation का इक systematic business plan बनाओ कि पहले कोन सी चिज करनी है और उसके बाद कोनसी चिज करनी है. बाद मे करनी वाली चिजों को कही लिखकर रखिए क्यों कि वो आपको याद रहे. इस के लिए आप एक notebook उपयोग कर सकते है.

3)Seiso ( Sanitise ) - अपने मन को positive विचारों से साफ करो. आनंदी रहो. motivational stories पढो. बडे बडे businessman की biography पढो जिस से आप के मन को प्रेरणा मिले.

4)Seiketsu ( Standardise) - उपर के तिन्हो प्रक्रिया का खंडन न हो इसका ध्यान रखे.उसके लिए आप अपने कमरे मे इस का इक chart बना के रख सकते है जिस पर आप कि नजर बार बार पडे.

5)Shitsuke ( Self Dicipline ) - आप अपने दिमाग को इक employee समज कर खुद train करे ये चिजे करने के लिए. हर इंसान के दिमाग में अच्छे अच्छे ideas आते है. अपने हिसाब से आप इस में बदलाव भी कर सकते है.

                                     "5-s implementation in our personal life."


1)Seiri ( Stucturise ) - अपने मन में आनेवाले बुरे विचारों को मन से बाहर कर दो. जैसे गुस्सा, लालच,शक करना, किसी का बुरा चाहना,किसी बात कि बहोत ज्यादा चिंता करना.जिस से आप के मन में अच्छे विचारों जगह मिलेगी.

2)Seiton ( Systemasation ) - इसे में जो अच्छे विचार है उन्हें प्रथम स्थान दो जैसे किसी कि मदत करना, लोगो से अच्छा बर्ताव करना, दान-धर्म करना आदी अच्छे विचार मन में आयेंगे तो बुरे विचार मन मे आयेंगे नही.

3)Seiso ( Sanitise ) - इस में आप अपने मन को साफ करो जिसके लिए आप भगवान के नाम का जाप करो,भजन किर्तन करो,धार्मिक ग्रंथ पढो और अपने मन को साफ और निर्मल बनाइए.

4)Seiketsu (Standardise) - मन ही मन में ऐसा मानक बनाइए कि उपर लिखे तिन्हों गतविधीयों का खंडन न होने पाए.इसके लिए आप मन ही मन में सही चिजों का चित्र बनाइए. उस पर सुधार लाए.

5)Shitsuke ( Self Dicipline ) - आप ही अपने मन को अच्छी चिजें करने के लिए प्रशिक्षित करो.मन को हमेशा अच्छे कर्म करने के लिए प्रोत्साहित करो.  हमारे बर्ताव में कितना सुधार आया है,हमारा बर्ताव पहले कैसा था और अब कैसा है इसका अवलोकन भी करो.अच्छे कर्म करने के लिए खुद ही वचनबद्ध हो जाओ.
     सच मे आपको इक अलग अनुभूती होगी. आप के मन को शांती मिलेगी.

  Motivational Thoughts

     किसी भी इंसान कि हार या जित दो बार होती है. पहले मन में फिर मैदान मे. आप सोचोगे कि आप जित जाओगे तो आप जित ही जाओगे,आप सोचोगे आप हार जाओगे तो आप हार ही जाओगे.Success कि शुरूवात हमेशा मन से होती है. बलवान कि हमेशा जित नही होती, जित होती है किसी भी इंसान कि प्रबल इच्छाशक्ती की.



Friday, 30 November 2018

November 30, 2018

कैसे करे Agritourism business और कमाए लाखो रुपये (start new business)

  Agritourism-देश के किसान के लिए agritourism याने खेती पर्यटन इक बहोत फायदेमंद साईड buisiness है. अपने देश की खेती देखने एवं उसका अभ्यास करने बहोत से विदेशी तथा देसी पर्यटक interested होते है.
  Agritourism सारे दुनिया में होता है. खासकर Australia,Canada,United States,Italy,New Zealand,Brazil,Philippines इन देशों में ये ज्यादा होता है. अलग अलग देशों ये अलग अलग नाम से जाना जाता है. इसे farm-stay भी कहते है.


कैसे करे Agritourism business और कमाए लाखो रुपये


                     Agritourism in India


  हमारे देश में 2004 को इसकी शुरूवात हुई थी. पांडूरंग तावरे नामक व्यक्ती ने जो की महाराष्ट्र के बारामती के रहने वाले है. जिसके लिए उन्हे भारत के माननिय राष्ट्रपतीद्वारा National Tourism Award भी दिया गया था.
  Agritourism का मतलब है किसी टुरिस्ट लोगो को अपने खेती में रूकाना और उनको खेती कि जानकारी के साथ natural चिजें जैसे पेड पौधे तथा वनऔषधी के बारे अवगत कराना और घर जैसा देसी खाना खिलाकर रेस्टोंरेंट जैसी सुविधा देना.
  आज कल लोग शहर कि शोर शराबेवाली fastlife जी के बोर हो जाते है. शहर कि हवा भी fresh नही होती. ऐसे में हमेशा शांत और एकांतवाली natural climate वाली जगह ढुढँते है जहा उनके मन को शांती मिले. यही लोग आपके costumer होंगे. आजकल ये ट्रेन्ड भी है की weekend पे किसी फ्रेन्ड कि farmhouse पे जाकर थोडासा relax होने का. ऐसे मे कोई किसान इस idea को अपने खेत में professionally चालू करे तो उसका इक अच्छा खासा side business हो सकता और आमदनी बहोत अच्छी हो सकती है. बस tourist को अच्छी सुविधा देने कि जरूरत है.
    आजकल के शहरी बच्चों अगर पूच्छा जाय कि दाल चावल सब्जी कहा से आती है तो वो जवाब देंगे कि mall आती है. उन्हे खेती, किसान, चुल्हा,गाय-भैस का तबेला के बारे मे जानकारी ही नही होती. लेकिन उनको जानने जिज्ञासा होती है. हम जो खाना खाते है उसके लिए किसान को कितनी मेहनत करनी पडती ये अगर आज कि पिढी जान जाए तो शायद वो सब्जी खरीदते वक्त तोलमोल ना करे. किसान के प्रती उनका आदर बढे. ये भी इक अच्छा उद्देश है इस business के पिछे. हम जो खाना wastage करते है उसकी सही किंमत उनको पता चले. और बडे होकर शायद वो किसान कि समस्याओं पर गंभीर विचार करें.




  कैसे करे Agritourism business



  • अपने देश कि संस्कृती है,'अतिथी देवो भवः' याने के आप का पहला काम है टुरिस्ट को भगवान मानकर उस के साथ घर के  सद्स्य जैसा व्यवहार करे. बस यही पे आपका आधा काम हो जाता है.
  • किसी भी business कि marketing बहोत जरूरी होती है. उसके लिए आप आपके इस business कि जोर शोर से advertisement करे pamphlets छपवाए,banner लगवाए,mobile use करे,what's up का use करे, Facebook page बनवाए, news paper,magazine में advertise करवाए जितनी हो सके उतनी advertise किजीए.
  • अलग अलग business strategies आजमाए जिस पर मै पहले post लिख चुका हूं.
  • हो सके उतना अपने खेती मे नयापन लाए और modern तरीके से खेती करे लेकिन natural  चिजों को हानी न पहूंच पाए.
  • कस्टमर को वो सब facility available करें जिनकी उन्हें आदत हो जैसे swimming pool,modern washroom.
  • खुद उनके लिए ज्यादा से ज्यादा available रहे. खेती के बारे मे उन्हें ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे. जैसे जमिन के जोतने से लेके माल कि डिलीव्हरी तक. साथ साथ पेडो,पौधो और औषधी वनस्पती की भी जानकारी दे. प्राणी, पक्षी आजूबाजू के भौगोलिक एरिया का भी ज्ञान दे.
  •   उनके लिए specially चूले पर बनाया हुआ खाना दे जो कि आजकल इक ट्रेंड है.
  •   सबसे महत्वपूर्ण बात उनको उनके मर्जि के हिसाब से privacy दे.
  •   इस business के लिए loan proposal भी होता है. इसके लिए आप को इक अच्छा सा project report बनाना पडेगा. इस में documentation perfect होना चाहिए. खेती और जमिन के related जितने भी दाखिले एवं authorities जरूरी होते है वो होने चाहिए. इस business  मे आप को स्विंमीग पूल, मछली तलाव, रोड बनाना, किचन का सामान, पाणी कि टंकी, पाईप लाईन, काॅटेज बनवाना, बैलगाडी, गार्डन इंस्ट्रूमेंट इन सबके लिए loan मिलता है.


  वैसे ये कल्पना बाहरदेश कि है लेकिन अपने देश कि natural beauty भी अव्वल और अप्रतिम है. अपने देश कि 65% जनता देहाती गाव में रहती है और खेती करती है. शहर में रहने लोगो को अपनी गाव के लिए इक अलग सा emotionally रिश्ता होता है. लेकिन खेती के लिए किसीने कभी कोई ठोस कदम नही उठाया. देश की जनता का पेट भरनेवाला पहला आदमी आत्महत्या के राह पर चल पडा और   जहा जरूरत नही वहा हजारो करोड खर्च होते रहे. अब किसान को भी इक businessman बनना पडेगा. इस business के साथ वो अपना खेती माल आनेवाले टुरीस्ट लोगो को अपने दाम पर बेच सकता है उसे एजेंट कि जरूरत नही. इक अच्छे planning के साथ ये side business किया जाय तो हमारा किसान भी अच्छे पैसे कमा सकता है.
        जय हिंद.
   



     BUSINESS THOUGHT

"इक देहाती आदिवासी गाव मे दो buisinessman कपडे बेचने गये.वहा के लोग सिर्फ इक कच्छा लपेटेने के सिवा और कोई कपडा नही पहनते थे. पहले buisiness man ने सोचा 'यहा मेरा buisiness  नही चलेगा' दुसरे buisiness man ने सोचा 'अरे वा यहा कोई ज्यादा कपडे नही पहनता यहा मेरा business बहोत चलेगा'.
  इस से ये सिख मिलती है,कि आपके business का success आप के attitude और positive thinking पर depend करता है."

     सत् विचार मोती
 
   "पूरे संसार मे ज्ञान जैसी पवित्र ना कोई वस्तू ना कोई तत्व. ज्ञान ही ईश्वर है."
 
   

Wednesday, 28 November 2018

November 28, 2018

CROWDFUNDING- STARTUP BUSINESS KE LIYE SANJIVANI

  CROWDFUNDING
   Crowdfunding इक छोटे से  start-up business के लिए संजिवनी साबित हो सकता है. इसके फायदे भी अनेक है. Crowdfunding की जानकारी बहोत कम लोगों को होती है इसलिए इसके related कुछ बाते आज हम जानेंगे.
   Crowdfunding मतलब किसी इक उद्देश के लिए लोगो के समूह से पैसा इकठ्ठा करना. इस मे हम जानते है की हमारा पैसा किसे और क्यो दिया जा रहा है.
                                                  
crowdfunding-startup business ke liye sanjivani
   
                                 Crowdfunding for startup buisiness

    वैसे हम Crowdfunding से अज्ञान नही. जाने अनजाने मे हमने कई बार Crowdfunding की होगी. हमारे समाज मे इक दुसरे कि मदत करने का रिवाज है. जैसे हम किसी के शादी मे या बर्थ डे मे जाते तो उसे प्रेझेंट पाॅकेट में पैसे देते है ये हो गई Crowdfunding. दो-चार दोस्त मिलके अपने किसी दोस्त की पैसे के रूप मे मदत करते है ये भी इक Crowdfunding है. हम कोई cultural program के चंदा देते है वो भी इक Crowdfunding है. कोई कलाकार या सेलीब्रेटी किसीके मदत के कोई program करता है और हम उस मे contribution देते है वो भी इक Crowdfunding है.हम जो भीसी लगते है वो भी crowdfunding का ही प्रकार है.

   अमेरिका मे 2012 मे ऐसे ही contribution को business के लिए उपयोग मे लाने की प्रथा शुरू हुई उसका फायदा बहोत सारे start-up business को हुआ और सारे युरोपिय देशो ने उसे आपनाया. अब धिरे धिरे ये अपने भारत मे शुरू हो रहा है.
   शेअर मार्केट भी इक Crowdfunding का ही प्रकार है. इस  मे बहोत से प्रकार है. इसको बनाने तीन मुख्य step है. 

1)Project Initiator - इसका काम है इक अच्छा project बनाना.
2) Supporters - ये इक  group होता है. जो लोगो को project के जानकारी देता है और project को support भी करता है.
3) Platform - इसके जरीये project लाॅन्च होता है और लोगो के सामने सही तरीके से पेश होता है.

#1.Reward-based Crowdfunding - ये start-up business के लिए सबसे अच्छा है. मानलो कोई नया business start करना चाहता है और उसे पैसो की जरूरत है. तो चार-पान्च लोग मिलके उसमे invest करेंगे तो जो फायदा होगा वो सब मे reward  के रूप मे बाटा जायेगा. मान लो कोई  e-commerce business या फिर  website बनाने का business चालू करना चाहता है. उसे 50 हजार की जरूरत है, तो दस लोग अगर 5-5 हजार कि investment करते है तो उनको 5 हजार मे website बना के मिलेगी जिसकी मार्केट price 10 हजार होगी तो उन 10 investor  का 5-5 हजार फायदा हुआ और business   चालू करनेवाले का business  भी चालू हो गया और उसे कही बाहर से ब्याज पे पैसे भी नही लेने पडे. इसे preset investment भी कहते है.

#2. Equity-based  Crowd funding - इस मे ज्यादा पैसा invest किया जाता है ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए. अपने देश मे इसे युज करने का  permission नही. लेकीन SEBI इसे निर्देश के अनुसार इस मे invest किया जा सकता है.

#3. Donations-based Crowd funding - इस मे आप अपने मर्जी के हिसाब से पैसा invest कर सकते है. लेकिन इस मे आप को कोई reward या return नही मिलता. ये इक दान पुण्य का काम है. ये ज्यादातर चेरीटी के लिए होता है.

#4.Debit-based Crowd funding - ये इक तरह का लोन होता है जो आप किसी कंपनी को देते हो. अगर फायदा हुआ तो इक particular ब्याज के साथ आपको आपका पैसा वापस भी मिलता है लेकिन कंपनी का घाटा हुआ तो आप का भी घाटा हो सकता है. इस मे रिस्क जरा ज्यादा होती है.

 #5.Public Private Partnership[ PPP] - ये इक equity based crowd funding का ही रूप है. अपने देश मे ये ज्यादा इस्तेमाल होता है शेअर मार्केट मे.

    Internet पर बहोत सारे platforms और websites है जिनके आधार से आप Crowd funding मे investment भी कर सकते है और उसका लाभ भी उठा सकते है अपने business के लिए.

    मेरी ये पोस्ट आप को कैसी लगी ये मुझे जरूर कमेंट करके बताये अगर इस मे कोई कमिया है तो भी तो भी मुझे सुचित करे.    
धन्यवाद.





  सतविचार मोति 

" प्रणाम का परिणाम हमेशा आशीर्वाद ही होता है."

Thursday, 22 November 2018

November 22, 2018

E - Commerce business plan in India

 E - Commerce business plan in India


E-Commerce business आज का billion dollar का modern business है. बहोत ही profitable और  अच्छा business है. ये आज के जमाने के लोगों का शायद इक जरूरतमंद business है. जिसके बारे हम आज विस्तार से जानेंगे.



आप (11/11) ये क्या है जानते है? मै तो कहूंगा की बहोत सारे लोग ये जानते ही नही. (11/11) को single day कहते है. जैसे व्हेलेंन्टाइन डे, mothersday, fathers होता है वैसे ही सिंगल डे होता है जो कि china मे मनाया जाता है. काॅलेज स्टुंडेट और जिनकी शादी नही हुई ऐसे लोग ये दिन मनाते है. नवंबर 11,2018 को ये दिन china मे मनाया गया. इस दिन china की e - commerce कंपनी Alibaba.com ने इक दिन मे 30 billions dollar का business किया जो आज तक का सबसे highest record है. अपने India मे flipkart 8.5 bilionऔर Amazon 6 bilion का business इक साल मे करती है. जो सबसे बडी e - commerce कंपनिया है. लेकिन Alibaba.com ने इन दो कंपनियों तिन गुणा buisiness इक दिन मे किया. ये सब Jack ma sir की business strategy है. पर आप को अंदाजा आ गया होगा कि e -commerce कंपनी इक कुबेर का खजाना है.
    इसी तरह America मे भी Black Friday मनाया जाता है. जो कि नंवबर के fourth Friday को मनाया जाता है. उसे Thankingday भी कहते है. इस दिन लोग एक दुसरे को मिलते है और बधाई देते है. इस दिन भी online shopping पे भारी भरकम shopping होती है. कहने का मतलब ये है कि e - commerce कंपनी बनाना इक बहोत अच्छा और मुनाफा देनेवाला business है. और वैसे भी अपने भारत देश की कुछ चिजे ऐसी है जिसकी demand all over world हमेशा रहती है.
   आज हर इक इंसान के हात मे smartphone है उसमे Internet भी है. अगले सात आठ साल मे 65 करोड  लोग Internet use करेंगे. मतलब 65 करोड कस्टमर भारत मे होंगे. ये बडी कंपनिया Alibaba.com, Flipkart, Amazon, ebay, Snapdeal  इन्होंने अपना मार्केट अच्छी तरह रिसर्च किया है इसलिए ये लोग इतने जोर शोर से advertisement कर रहे है. इनका सबसे बडा मार्केट अपना भारत है. आज भारत मे जो भी ऐसी e - commerce कंपनी चालू करेगा या जिन्होंने चालू कि है उनको billioner बनने से कोई रोक नही सकता.
दो चार साल बाद 70% shopping mobile से होगी.65% लोग Internet use करेंगे जो कि दुनिया दुसरा देश है.5 lakh देहाती खेडा गाव के लोग online shopping करेंगे. दो चार साल के बाद ऐसी कोई वस्तू नही होगी जो की online नही मिलेगी.
    E - Commerce कंपनी पैसो कि बहती गंगा है,जहा हमने अपने हात नही धोये तो क्या फायदा. इक छोटीसी e - commerce कंपनी आप को करोडपती बना ही सकती है. यहाॅ हमे सचिन बंसल सर का आदर्श लेना चाहिए जिन्होंने 10,000 रू. शुरू कि हुई Flipkart  कंपनी आज 40 हजार करोड की कंपनी बन गई है. आज हम internet  पे घंटो टाईमपास करते है. हमे internet पर ऐसी e - commerce के updates जानना चाहिए और जहा कोई मौका मिले अपनी e - commerce कंपनी चालू कर देनी चाहिए.
     ऐसी कंपनी चालू करने के लिए कुछ basic study कि आवश्यक्ता है. जैसे क्या बिकता है, कहा बिकता है जिसके लिए आप magazine,newspaper और Internet पर सर्च कर सकते हो. जिन लोगो ऐसी कंपनिया चालू कि है biography पढनि चाहिए. जितनी हो सके उतनि ज्यादा information कलेक्ट करनी चाहिए. उस से आप को इक basic idea आ जायेगा. ये idea आप के इस business मे बहोत महत्वपूर्ण रोल निभाति है. उदाहरण के लिए मै यहा देसी घी का दुंगा. बाजार मे मिलनेवाला देसी घी शतप्रतिशत शुद्ध होता है इसकी कोई गॅरंटी नही लेकिन कुछ लोग शतप्रतिशत शुद्ध देसी घी बनाते है लेकिन ज्यादा कस्टमर तक पहूंच नही पाते ऐसे लोगो को आपको शुरू में ढूंढना है. इक बार आप कि कंपनी फेमस हो गई तो खुद आयेंगे आप के पास अपना प्राॅडक्ट बिकवाने.
    जो भी product या idea आप बेचने जा रहे है उसका पुरा market survey आपको करना पडेगा.उसमे आप को उसके reputation और demand पे ध्यान देना पडेगा.उसके लिए किसी मास्टर आदमी advice ले सकते है.लेकीन customer का ही opinion लेना सबसे बेहतर है. आप को पैसे की भी जरूरत पडेगी वो कहा से arrange होगा उसका भी प्लान होना चाहिए.उसमे खुद का सेविंग,फॅमिली contribution,bank loan,investor.
   ये सब होने के बाद आपको इक Pvt.Ltd.कंपनी formation करनी पडेगी जो कि मै अपने पिछली post मे detail लिख चूका हूं.documents update होने चाहीए.GST registration, shop act licence ,इक current account और इक office की जरूरत लगेगी.

Company Formation






   
सबसे महत्वपूर्ण है कि Portal.जैसे Alibaba,Flipkart,Amezon के है.जिसके लिए आपको कोई अच्छी software कंपनी देखनी पडेगी जो आप के लिए लेट्स software और अच्छे डिझाईन का portal बना के दे.इसमे भी दो प्रकार होते है. Alibaba,Flipkart,Amezon ये सब बेचते है.मित्रा,उर्बन लेडर जैसी कंपनी कोई एक ही product बेचती है. ebay जैसी कंपनी किसी को भी अपना product ebay के जरीये बेचने मौका देती है.आप को अपने business के हिसाब से portal चुनना पडेगा. portal बनाने का खर्चा 40 हजार से लाखो तक भी होता है.
   E-commerce portal पे आयी हुई  order manufacturer के पास भेजना manufacturer ने customer को माल सप्लाय किया कि नही इन चिजों पर ज्यादा ध्यान देना पडता है. Customer से पैसे लेने के दो तरीके होते है इक online payment और cash on delivery उस मे से फिर manufacturer को पैसा दिया जाता है. इन सभी प्रोसेस मे logistic की भी बहोत अहम भूमिका है. डेली operation मे logistic, पैसे का लेन देन,customer complaint इन चिजों का बहोत ध्यान रखना पडता है. उन सबके लिए इक system और skill manpower की जरूरत होती है.
     इसके बाद आपको अपनी कंपनी की marketing करनी पडेगी. अगर आपकी कंपनी लोगो को मालूम ही नही पडेगी तो आपके portal पर खरीदारी के लिए आयेगा कौन? उसके लिए आप को अपनी कंपनी का social media मे अच्छा SEO (search engine optimization) करना पडेगा. e-mail marketing करनी पडेगी. apps बनाना पडेगा. event organise करने पडेंगे. news paper, tv पर add  देने पडेंगे.
    इक बार आपका setup हो गया तो फिर आपको अपने business के growth के बारे मे सोचना चाहिए. मतलब product बढाना, नये नये फंडे आजमाना जैसे free delivery, return policy etc. ये सब सिस्टेमॅटिक किया जाय तो आप को billionaire बनने से कोई रोक नही सकता. 

Friday, 16 November 2018

November 16, 2018

5-business of Virat Kohli motivator for startup business

5-business of Virat Kohli -विराट कोहली जितने अच्छे cricketer है उतने अच्छे businessman भी है. जितने discipliner cricket मे है उतने discipliner business मे भी है. start-up business के लिए वो इक motivator है.

विराट कोहली बस नाम ही काफी है,पुरे दुनिया के लिए. आपने उनको मैदान मे फोर आणि सिक्स मारते हुवे देखा है. उनके खेलने का तरीका और एनर्जी हम सब ने देखी है. उनके फिटनेस और डाइट के चर्चे media मे बहोत होते है. आज के युवा जेनरेशन के गले का ताइत है विराट कोहली. oneday cricket मे सबसे तेज 10000 run बनानेवाले player, अपने पहले worldcup मे century मारनेवाले player, 30 के उमर मे ही 62 international century मारनेवाले player, परदेश मे double century मारनेवाले पहले भारतीय player. दो या दो से अधिक  double century मारनेवाले पहले भारतीय कसोटी player,कर्णधार बनके तिन game मे तिन century मारनेवाले player. पद्मश्री और अर्जुन जैसे पुरस्कार पानेवाले player और टॅटू के बहोत शौकिन है विराट कोहली. लेकिन क्या आप जानते की वो एक बहोत बडे businessman भी है.

मै आज उनपर इसलिए पोस्ट लिख रहा हू क्यो की क्रिकेट के आलवा भी उनसे सीखने को बहोत कुछ है. जैसे उनके discipline,smartness,business का नज़रिया और बहोत कुछ. हर इंसान को अपनी कीमत और टॅलेंट पहचानना चाहिए ताकि आगे की वक्त मे कोई problem ना आए, हर आदमी को investment करने मे ज़ोर देना चाहिए. smart businessman को smart invester भी होना चाहिए. investment एक कला है. वो सबको आना चाहिए. विराट कोहली मे ये सब गुण है.उनकी business strategy बहोत अच्छी है. उनके business का ग्राफ भी उनके cricket की तरह बढीया ही है. तो आज हम उनके business के कलागुण को जानेंगे.
                                                
5-business of Virat Kohli motivator for startup business
                                       
                           5-business of Virat Kohli

#1. FC GOA - विराट कोहली ने 2014 मे indian super leage goa मे पहली बार investment किया था, co-owner बन के. छब्बीस साल के उम्र मे की गई ये उनकी पहली इनवेस्टमेंट थी. cricket के बाद football उनका favourite game है. इसलिए football game का स्तर बढाने के लिए उन्होने ये investment की थी. वो अपने जीवन मे जीतने disipliner है उतने business मे भी है. इतने कम उम्र मे investment की बात सोचना यही इक लाजवाब बात आहे.

# 2 . Wrogn - Universal Sportsbiz Pvt. Ltd.  ये कंपनी अंजना रेड्डी द्वारा स्थापन की गयी थी. जो की युवको के नये नये fashion की marketing और  advertisement करने के लिए प्रसिद्ध थी. जो की graphic T-shirts,band collar shirts और lightweight danim jacket,cuffed chinos and jeans का marketing करती थी. विराट युवको मे अपना brand value जानते थे इसलिए उन्होंने इस मे investment करके Wrogn brand मार्केट मे लाया और मित्रा और शाॅपरस्टाॅप के साथ टायअप किया. देखते ही देखते Wrogn इक बहोत बडा brand बन गया.

# 3. Chisel Gyms - विराट कोहली अपने fitness के बहोत फेमस है और उनका ये शौक भी है और हाॅबी भी है. इसी हाॅबी को उन्होंने business बना दिया और Chisel Gyms की चैन चालू की. उसमे उन्होंने 90 करोड investment किया. Chisel Gyms टेक्टिकली fitness workout  सिखाते है. पुरे देश मे 100 centers निकालना उनका टारगेट है.

# 4. UAE Royal - विराट कोहली ने दुबई की टेनिस टिम UAE Royal मे भी investment किया है जिसके Captain Roger Federer है. बेंगलूरू योद्धास (व्रेसलिंग) मे भी उन्होंने investment किया है. Stepathlon Lifestyle के साथ भागिदारी करके Stepathlon Kids मे भी investment किया है.

# 5. Sports Conva - विराट कोहली Sports Conva का शेअर्स होल्डर और ब्रण्ड अॅम्बेसिडर है. ये Londan की social site और tech sport platform है. जहा अलग अलग sports और sportsman का  discussion चलता है.

  विराट कोहली cricket मे बहोत सारा पैसा कमाते है. वो खूद इक  brand है. advertisement मे भी वो बहोत पैसा कमाते है. फिर भी उनका ज्यादा interest business मे लगता है. उन्होंने Fashion,Fitness,Lifestyle,Social media जैसे अलग अलग क्षेत्र मे investment किया जिसका return भी उन्हे अच्छा मिलता है और मिलता रहेगा. उनका आदर्श सिर्फ cricket के लिए ही नही बल्की इक grate businessman करके भी लेना चहीए. जो युवक उनके fan है उन्हे उनके इन गुणो का भी fan होना चाहिए.

Thursday, 1 November 2018

November 01, 2018

Solar Farming and Solar business for start up

      
      Solar Farming and Solar business for start up - सोलर फार्मिंग और सोलर बिज़ीनेस  start-up के लिए बहोत अच्छा है. आगे इसकी बहोत growth होनेवाली है. इस business idea से आप बहोत money earn कर सकते हो.
                                         
Solar Farming
                     

                          Solar Farming and Solar business

        
     हमने आज तक गेहू की खेती,चावल की की खेती गन्ने की खेती और सब्जी की खेती सुना था पर सूरज की खेती कभी नही सुना होगा. जी हा ये होती है. जहा बंजर ज़मीन हो, जहा कुछ उगाता नही जहा पानी की कमी हो  ऐसी जगह पर ये खेती की जा सकती है. इसके लिए खाली सूर्य की किरानो की ज़रूरत होती है. जिनके पास ऐसी ज़मीन है वो दो-चार किसान साथ मिलके ऐसा प्रॉजेक्ट डाल सकते है. जिस तरह सहकारिता से दूध की डेरी, गन्ने का कारखाना चलता है वैसे ये भी चल सकता है. पाँच एकड़ ज़मीन पर 1 MW capacity का प्रॉजेक्ट खड़ा कर सकते है. उसमे बनानेवाली एनर्जी आप सरकार को या फिर private compani को बेच भी सकते हो. इस मे investment जरा ज़्यादा होती है, लेकिन long life होती है. सरकार आप को 30 % सबसिडी भी देती है और प्रॉजेक्ट डालने के लिए लोन भी. जिसका ब्याज दर बहोत कम होता है. इतनी सारी उपलब्धिया है फिर देर किस बात की. और polution विरहित एनर्जी बना कर आप एक तरह से देश सेवा भी कर रहे हो. इसलिए solar farming करना हमारे लिए ज़रूरी है.

     आज कल हमारे देश मे industrilization और civilization बहोत तेज़ी से बढ़ रहा है. जाहिर है electric energy की ज़रूरत भी तेज़ी से बढ़ रही है. हमारे पारंपरिक sources है, जैसे की कोयला, पानी ( hydro power plant), पवन उर्जा (wind power),biomass, gas, nuclear power plant ओर solar energy. हमारे देश की आज की उर्जनिर्मिति capacity है 344 GW. उसमे से 66% energy पारंपरिक energy sources से बनती है ओर 33% अपारंपरिक  energy sources से बनती है. हमारे सरकार ने यह target रखा है, की 2022 तक 100 GW power solar energy से बनएँगे ओर उसके लिए सरकार ने 100 अरब अमेरिकन डॉलर की investmet solar energy की निर्मिति के लिए किए है. ये आँकड़े बताते है की अगले पाँच साल मे solar energy निर्मिति क्षेत्र मे business के बहोत सारे अवसर पैदा होंगे. हमारे देश की भौगोलिक रचना ऐसी है की कई जगह पर सुर्य की किरने अच्छी आती है ओर वाहा solar energy ज़्यादा से ज़्यादा बनाई जा सकती है, इसलिए सरकार ने solar energy  प्रधान्य दिया है.
      
     हमारे सरकार का 100 GW टारगेट है. उसमे से 40 GW रूफ टॉप सोलर पॅनल इन्स्टलेशन से electric energy बनाने का प्रयत्न है.उसके लिए सरकार जनता को आवाहन कर रही है की अपने घर के छत पे solar pannel बिठा के उसे Grid को जोड़े ओर electric energy बनाए और उसे खुद ही use करे और उसके लिए सरकार हम को सब्सिडी देगी. मतलब प्रति unit हम जितनी  electric energy use करेंगे उसके पैसे सरकार हमे देगी. मतलब आम के आम और गुठलियो के दाम. इससे ज़्यादा से ज़्यादा जनता इसमे शामिल हो यही सरकार का इरादा है. क्योकि ये इक प्रदूषण मुक्त energy source है. घर, कॉलेज,हौसिंग सोसायटी,बॅंक,होटेल इन जगह ये  electric energy बनाई जा सकती है. इसमे investment ज़रा ज़्यादा होती है. लेकिन वो investment  lifetime होती है.
        
        कैसे शुरू करे SOLAR BUSINESS -
     
     इस business मे आप छोटी से छोटी शुरूवात कर के बड़े से बड़ा business बना सकते हो. ये business दो चीज़ो पे डिपेंड करता है. इक आर्थिक क्षमता और दूसरी तकनीकी जानकारी. इस मे आप solar product के agent से लेके distributer तक का सफ़र तय कर सकते है. agent बनाने के लिए महज आपको 10 या 12 हज़ार की investment होगि. किसी बड़े कंपनी के product आप कमिशन बेसिस पे बेच सकते है. दूसरा विकल्प ये है की यही कंपनिया franchise देती है. जिन मे से दो चार नाम मै यहा देता हू, जैसे Bharat solar energy, Relyon Solar,Inter solar,Su-kam Solar और भी बहोत सारी कंपनिया है जिसकी franchise आप ले सकते हो.  हर सिटी के टीयर के हिसाब से investment होती है. आप इन बड़ी कंपनियो के associate बन सकते है. जिसके लिए आपको 250 sq/fit का शॉप लगेगा आप dealership भी ले सकते हो, जिसमे अप को 50 हज़ार से 2 लाख तक investment लगेगी और आप की सेल्स और टेक्निकल टीम लगेगी और बाद मे distributer बन सकते हो.जिसके लिए आप को 5 लाख से 6 लाख investment लगेगा, office और strong टेक्निकल टीम और सेल्स टीम लगेगी जो ग्राहक को solar energy के फ़ायदे और importance समज़ा सके. टेक्निकल टीम का भी रोल महत्वपूर्ण है जो जितनी जगह available उसमे  सोलर पॅनल डिसाइन और इन्स्टॅलेशन कर सके. ये कंपनिया आप को टेक्निकल जानकारी के साथ प्रशिक्षण भी देती है. 
   
     SOLAR BUSINESS की उपल्बधी -
    
     Solar product बहोत टाइप के होते है जैसे पानी गरम करने का पूरा सिस्टिम,Solar light,Solar चूल्हा, Solar sreetlight, आप खुद भी कोई प्रॉडक्ट बना के बेच सकते हो जैसे solar mobile, laptop charger. solar light. आप भी  Solar Farming  कर  सकते हो. लेकिन इसमे investment बहोत ज़्यादा होती है. Solar product बेचने के बाद उसके servicing का अपना एक अलग business हो सकता है. Solar product को insurance होता है वो ग्राहको को दिला देना, सरकार जो सब्सिडी देती है वो दिला देना और बड़े प्लांट को बड़ी investment लगती है वो दिला देना ये भी एक नये प्रकार के business की उपल्बधी है. solar panel और inverter जो की बाहर देश से माँगते है उनका निर्माण भी यहा किया जा सकता है. इस मे 14/15 लाख की investment है लेकिन आगे ये बिज़नेस बढ़ने वाला है.
       कुल मिलाकर ये इक unique business है.
      
     उपर की जानकारी internet और magzine से collect की गई है. आप जब business स्टार्ट करे तब और जानकारी निकाले , ठीक से प्रॉजेक्ट बनाइए, business plan बनाइए, custemer strategy बनाइए हमारा उद्देश् सिर्फ़ सुजाव रखना है. 
  

Thursday, 25 October 2018

October 25, 2018

क्या #MeToo को रोका जा सकता है? जी हाँ रोका जा सकता है.

     आज कल social media पर #MeToo
की चर्चा बहोत हो रही है. कुछ लोगो के ये मान-मर्यादा, इज्जत और करीअर का सवाल है, तो कुछ लोगो के लिए ये मज्जाक का विषय है. whats up  पर बहोत सारे जोक भी आते है. लेकीन ये विषय बहोत गंभीर है. अगर हम अपना आत्मपरीक्षण ठीक से करले तो शायद ही कोई हो, जो आज की तारीख मे या तो हैरेसमेंट करनेवाला या तो सहनेवाला न हो.


Can we stop #metoo
                             
  
     इस में इक बात अच्छी है की आज की नारी स्वतंत्र और निडर है. अपने विचार प्रकट करने के लिए उसे किसी के सहारे की जरूरत नही. ये स्त्री-पुरूष समानतायुक्त समाज के निर्माण का संकेत है.
     आज तक नारी ने बहोत कुछ सहा है. एक जमाने मे अगर किसी स्त्री की कोई मांग हो या कोई सलाह हो तो वह सबसे पहले अपनी माॅ से कहती, माॅ उस के पिताजी से कहती फिर बडे ही विचार विमर्श के बाद या तो उसकी मांग स्विकार कर ली जाती या फिर ठुकराई जाती चाहे वो मांग वो सलाह कितनी भी जायज क्यों ना हो. फिर हैरसमेंट जैसी बात तो वो कहने से रही. लेकीन आज का ये जो बदलाव आया है वो प्रशंसनिय है.
     आज बडे बडे नामी लोंगो के नाम इस में लिए जा रहे है इस लिए सारी दुनिया की media मे ये विषय व्हायरल है. नामी लोंगो के नाम आते ही media का भागना स्वभाविक है. लेकीन जो लोग सामान्य है क्या वो हैरसमेंट करते नही या सहते नही?. उन तक कब पहुचेंगी media?. चलो मान लिया #MeToo campaign  जोर से चला और media सामान्य लोंगो तक पहूंच गई तो इतने सारे  cases  चलाने मे कितनी दिक्कत होगी.
      चलो मान लिया #MeToo campaign में बहोत सारे लोगो को सजा मिल गयी. तो ये हैरेसमेंट थोडा कम तो होगा, लेकीन खतम नही होगा, और इसकी भी कोई guarantee नही है, की me too campaign का कोई गलत इस्तेमाल नही कर रहा है.  हो सकता है पुरूष निर्दोश हो और कोई स्त्रि ही उसका शोसन कर रही हो. कल को तो  सब पुरूष इक हो के male me too campaign भी चला सकते है. फिर तो सिर्फ argument होगा,  इसका solution नही निकलेगा. हम यह सब बात करके यहा किसीका इंसाफ नही कर सकते. उसके लिए हमारी न्याय व्यवस्था बहोत सक्षम है और हमारा उस पर विश्वास भी है.
     आज सच में आत्मपरीक्षण की बहोत जरूरत है. हम अपने पिछली पोष्ट विजयदशमि (विजय अपने आप पे) मे विकारों के बारें लिख चूके है. किसी भी इंसान को सजा करने से उसके अंदर के विकारों को सजा नही दी जा सकती. हमारे रोज के व्यवहार मे सत्-विचार,सत्-आचार और सत्-कर्म की बहोत आवश्यक्ता है. हर इंसान को  इसके दायरे मे  रहना ही चाहिए. तो शायद  me too जैसे  campaign  कभी शुरू ही ना हो.
     #MeToo campaign की जड ही है 'काम' विकार जो की अष्टविकारों में सबसे पहले आता है और सब से बलशालि विकार है. ये ना उम्र देखता है,नाही रिश्ते नाते. हम तो फिर भी इंसान है, इसने देवों और बडे बडे ऋषियों मुनियों को भी नही बक्षा.
    इसको कोई भी हो जाती,देश या भाषा  से  फर्क नही पडता. हिंदी मे कहेंगे,'मै आप से प्यार करता हूं'. मराठी मे बोलेंगे,'मी तुमच्यावर प्रेम करतो.' गुजराती में बोलेंगे,' मै तने प्रेम करे छू'. बंगाली में बोलेंगे,'आमी तुमा के भालो बाशी ". पंजाबी में बोलेंगे,"मै तन्ने  प्यार करना."और बाहर के देशों में कहेगे,'I love you'.लेकिन इसका प्रकोप सभी पे समान पड़ता है.
     प्यार,प्रेम गलत नही है. भगवान ने स्त्री और पुरूष के बिच प्यार इसलिए बनाया ताकी एकत्रित परिवार और समाज व्यवस्था बनी रहे. प्रजनन हेतू काम विकार निर्माण किया गया. हम अग्नि, ब्राम्हण और रिश्तेदारों को साक्षी मानकर जिसके साथ विवाह बंधन मे बँध जाते है, वही पति-पत्नी  इसके हकदार है. लेकीन लोगो ने इसका (कामविकार का ) गलत उपयोग किया. सच्चा प्यार भगवान से बढकर है. इक सच्चा प्यार किसी भी इंसान की जिंदगी बदल सकता है, उसे ज़मीन से आसमान बना सकता है. लेकीन काम विकारयुक्त प्यार, सच्चे प्यार को बदनाम कर देता है.
    सिर्फ इक दिन हम अपने आजू बाजू की परिस्थिती का निरीक्षण करे. दो लोग office में काम कर रहे होते है, तो उनकी वार्तालाप यही होती है की,'यार बाॅस की नई सेक्रेटरी क्या आयटम है.' जब दो-चार लोग पार्टी कर रहे होते है तो एक दुसरे से पूछते है,' यार कोई नया नंबर है क्या ?' या फिर 'यार मार्केट मे कोई नया माल आया है क्या'.जब की वो सब शादीशुदा और बाल बच्चेवाले पढे-लिखे लोग होते है.
     हम बडे सहज भाव से ये विचार बोल देते है,कर लेते है लेकिन हमे अंदाजा भी नही होता की ये विचार आगे हमे किस भयानक दुष्कर्म की अंधेरी  खाई मे ले जा रहा है. विकार अकेले नही आते. काम के साथ क्रोध, चिंता डर लालच आदी दुसरे  विकार भी आते है, ये इक दुसरे से संलग्न होते है. फिर हत्या जैसे बडे गुनाह भी होते है. इंसान का अपने मन पर काबू नही रहता, वो क्या करता है उसे समज मे नही आता और जब समज आता है तब तक बहोत देर हो जाती है. सब कुछ हात से निकल जाता है. तब पश्चाताप के सिवा और किए हुए गुनाह की सजा पाने के सिवा उसके  हात मे कुछ नही रह पाता.
     इन विकारों पर हम जितनी भी बात करे, समय और शब्द कम पड जायेंगे. हम भगवान श्रीराम,श्रीकृष्ण तथा रामायण, महाभारत के बारे में सब जानते है. उन के उपदेश को भी जानते है. लेकीन कितने लोग है,जो अपने रोज के व्यवहारों मे उनका अनुकरण करते है, उन के विचारों पे चलते है. हम रोज भजन,किर्तन और प्रवचन सुनते है, सिर्फ सुनते है उन्हे आत्मसात (आत्मसाथ - अंतर आत्मा के साथ) नही करते. भारत देश के भूमी मे बडे बडे महात्मे, ज्ञानी पंडीत और संत लोगों ने जन्म लिया और सत्-विचारों का खजाना छोड गये. जिसमे एक विचार मोती  ये है की, पराई स्त्री माँ समान होती है.  लेकिन हम भौतिक और क्षणिक  सुख की लालच मे इतने अंधे हो गए है की इस खजाने की तरफ किसी का ध्यान ही नही जाता. 
     ये अष्टविकार ही है, जो #MeToo जैसे घ्रृणास्पद कृत्य की जड है. हम अपने रोज के व्यवहार मे सत्-विचार, सत्-कर्म, और सत्-आचरण अपना ले तो किसी को भी #MeToo जैसे campaign चलाने की नौबत नही आएगी और किसी को भी  शर्मिंदा नही होना पड़ेगा.